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मारपीट विवाद पर DU सख्त, दीपिका झा का निलंबन

SHIDDHANT
17 Nov 2025 8:08 PM IST
मारपीट विवाद पर DU सख्त, दीपिका झा का निलंबन
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प्रोफेसर से बदसलूकी पर कार्रवाई
Delhi दिल्ली: विश्वविद्यालय ने दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) की जॉइंट सेक्रेट्री और एबीवीपी नेता दीपिका झा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें दो महीने के लिए निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई डीआर भीमराव अंबेडकर कॉलेज में 16 अक्टूबर को हुई उस घटना के बाद की गई है जिसमें उन पर कॉलेज के प्रोफेसर सुजीत कुमार को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था। निलंबन अवधि के दौरान दीपिका झा को किसी भी DU कैंपस में छात्र नेता के रूप में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। वे केवल अपनी शैक्षणिक कक्षाओं में शामिल हो सकेंगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि आगे की कार्रवाई उनके निलंबन अवधि के दौरान व्यवहार की समीक्षा के आधार पर तय की जाएगी।

यह विवाद उस समय सामने आया था जब कॉलेज की अनुशासन समिति के संयोजक और प्रोफेसर सुजीत कुमार के साथ प्रिंसिपल के ऑफिस में बैठक हो रही थी। आरोप है कि बहस बढ़ने पर दीपिका झा ने प्रोफेसर को थप्पड़ मार दिया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया। घटना के बाद प्रोफेसर सुजीत कुमार ने अनुशासन समिति से इस्तीफ़ा देने की घोषणा की। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (DTF) ने आरोप लगाया कि करीब 50 छात्र, जिनमें DUSU अध्यक्ष आर्यन मान भी शामिल थे, कॉलेज में घुसे और शिक्षकों के साथ बदसलूकी की। संगठन ने इसे “भीड़तंत्र” और “गुंडागर्दी” बताते हुए विश्वविद्यालय स्तर की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

यूनिवर्सिटी ने घटना की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया, जिसमें जॉइंट प्रॉक्टर, कई कॉलेज प्रिंसिपल और फैकल्टी सदस्य शामिल थे। समिति ने तीन महीने के निलंबन की सिफारिश की थी, लेकिन प्रशासन ने पहले दो महीने निलंबन और उसके बाद व्यवहार की पुनः समीक्षा का फैसला लिया। इस बीच, दीपिका झा ने सार्वजनिक रूप से शिक्षकों से माफी मांगी, हालांकि उन्होंने दावा किया कि प्रोफेसर सुजीत ने बैठक के दौरान उनके साथ बदसलूकी की। उनका कहना है कि वे छात्रों की शिकायत पर कॉलेज पहुंची थीं और प्रिंसिपल के ऑफिस में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उनके साथ गलत व्यवहार हुआ। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली है। घटना ने दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में छात्र राजनीति, अनुशासन और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। कई शिक्षक संगठनों ने इसे शिक्षकों की गरिमा पर हमला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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